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वामन चिंधुजी मेश्राम एक भारतीय कार्यकर्ता हैं। वह कर्मचारियों के संगठन बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बहुजन क्रांति मोर्चा के नेता हैं।
प्रारंभिक जीवन वामन मेश्राम का जन्म 21 नवम्बर 1957 में महाराष्ट्र के यवतमाल जिले की दारव्हा तहसील में स्थित रामगाँव गाँव में हुआ था। वामन मेश्राम ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षा दारव्हा में ली। इसके बाद वह आगे की शिक्षा के लिए औरंगाबाद चले गये। वामन मेश्राम जब 1970 के दशक की शुरुआत में औरंगाबाद के बाबा साहेब अम्बेडकर कॉलेज में थे, तब उन्होंने सार्वजनिक जीवन में शामिल होने पर विचार करना शुरू कर दिया था।
करियर 1975 में मेश्राम बामसेफ से जुड़े, और नौकरी छोड़कर पूर्णकालीन प्रचारक के रूप में कार्य करना शुरू किया। कांशीराम के बाद डी. के. खापर्डे बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और उनके बाद वामन मेश्राम बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। आज वर्तमान में बामसेफ के 5000 से अधिक पुर्णकालिन कार्यकर्ता देश भर में कार्य कर रहे हैं। देश भर में 255 कार्यालय है, इसके साथ ही 60 ऑफशूट संगठन मुलनिवासी बहुजन समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत है तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बामसेफ संगठन का 37 देशों में नेटवर्क (पहुंच) स्थापित हुआ है।



बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम में बोल रहे थे।
दो ऐतिहासिक घोषणाएं
हमारा 2025 भारत मुक्ति मोर्चा और बामसेफ का पांच दिन का राष्ट्रीय अधिवेशन कटक, उड़ीसा में होगा। उस जमीन का नाम जननायक बिरसा मुंडा नगर होगा। आज, 15 नवंबर को बिरसा मुंडा के जन्म के 150 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर हम पूरे 365 दिन भारत में बामसेफ और नेशनल लेवल पर सभी संगठनों के ज़रिए आदिवासी जागरूकता अभियान और जागरूकता सम्मेलन का प्रोग्राम चलाएंगे, जो आदिवासी भाइयों और जननायक बिरसा मुंडा के जन्म की 150वीं सालगिरह का प्रतीक है। हम सभी मूलनिवासी भाइयों, OBC, SC, ST और माइनॉरिटी के सहयोग से 365 दिन आदिवासी जागरूकता अभियान चलाएंगे।
